शांत ज्वालामुखी –
शान्त ज्वालामुखी से तात्पर्य ऐसे जवालामुखी से हैं, जिनमें ऐतिहासिक काल से कोई विस्फोट नहीं हुआ है और ऐसे शांत ज्वाला मुखियों में दुबारा विस्फोट होने की सम्भावना भी नहीं होती है। इन ज्वालामुखियों में पुन: विस्फोट नहीं होता, इसीलिए इन्हें ‘मृत ज्वालामुखी’ या शांत ज्वाला मुखी भी कहा जाता है।

इस प्रकार के ज्वालामुखी पूर्ण रूप से शान्त अवस्था में पड़े रहते हैं। और इनमें निकट भविष्य में विस्फोट की कोई सम्भावना नहीं होती है।
ये ज्वालामुखी सामान्य जन जीवन के लिए ख़तरनाक नहीं हैं। और सुप्त अवस्था में है विश्व के प्रमुख सुप्त ज्वाला मुखी के उदारहरण निम्न प्रकार है
-‘कोह सुल्तान’
‘देमवन्द’ (ईरान), ‘पोपा’ (म्यांमार), ‘किलीमंजारो’ (अफ़्रीका), ‘चिम्बाराजो’ (दक्षिण अमेरिका)।

विश्व का सबसे ऊँचाई पर स्थित शान्त ज्वालामुखी ‘एकांकागुआ’ एण्डीज पर्वतमाला पर ही स्थित है, जिसकी ऊँचाई 6960 मीटर है।

Author

I'm a student pursuing higher education. Interested to write Blogs on current topics . Visit my website for more information

Comments are closed.